तो खत लिखा करों।
- raशी मड़ावी
- Dec 29, 2020
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जब रूठें कोई, औंर मनाना हों उसकों
तो खत लिखा करों।
ना लंबी हों बातें औंर करनी हो मुलाकातें
तों खत लिखा करों।
देना हो कोई उपहार औंर ना सूझें कोई विचार
तों खत लिखा करों।
हरदम जब रखना हों उसकों पास औंर ना कोई सूझें उपचार
तों खत लिखा करों।
नींद ना आए जब रातों कों औंर जकड़ लें यें अंधियारा
तो खत लिखा करों।
करनी हों जब लंबी बातें औंर वक्त की हो पांबदी
तो खत लिखा करों।
आँखों सें दिल तक पहुँचाना हो जब बातें
तो खत लिखा करो।
बिना बोलें जब समझाना हो बातें,
तो खत लिखा करों।



So sweet..❤️❤️