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YAAD

"आँखे देखकर समझते है,

रातभर जाग कर सोए हो,

हम भी समझते है जनाब सलिखा हसने का,

सच कहो किसी की याद में तुम भी रोए हो"


- g~aex xmaR

3 Comments


Aarohi Joshi
Aarohi Joshi
Oct 04, 2020

अक्सर यादें रातको ही तो सताती हैं...👌👌

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Areee sahaab

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bhushankulkarni456
Sep 30, 2020

boht mast

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BASICKAVI

केहना चाहता था मोहम्मद लेकीन मुकद्दर सुनाई आया,

मुकद्दर हि बोल गया गालिब इम्तिहान नजर आ गया,

इम्तिहान हि क्या सिखाये मुझे जिना ये सुकून,

फिर से मोहम्मद केहने से हि जीतका जाम नजर आ गया.

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-BasicKavi

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